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उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत व्यापारियों को आ रही कठिनाइयों के संबंध में 18 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया

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कायमगंज, फर्रुखाबाद, आरोही टुडे न्यूज, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – प्रदेश अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल के आवाहन पर आज उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश कायमगंज द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही से व्यापारियों को आ रही कठिनाइयों के संबंध में 18 सूत्रीय ज्ञापन मुख्य कार्यकारी अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम नई दिल्ली के पास माननीय तहसीलदार महोदय कायमगंज के माध्यम से भेजा गया। व्यापारियों की मांगे थी कि सभी प्रकार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में रजिस्ट्रेशन के लिए 12 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा तय की गई है, परन्तु 12 लाख रूपये की सीमा मंहगाई के हिसाब से बहुत कम है। अतः आपसे अनुरोध है कि 12 लाख टर्न ओवर के स्थान पर 40 लाख वाषक टर्न ओवर तक का काम करने वाले व्यापारियों की रजिस्ट्रेशन की सीमा में रखा जायें।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में फूड एक्ट का लाइसेंस न पाए जाने पर सजा का प्राविधान खत्म किया जाये।


वर्तमान समय में भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों का व्यापार ऑनलाइन फूड चेन सप्लाई व मल्टी नेशनल कम्पनियों के द्वारा किया जा रहा है, परन्तु अश्वनलाइन फूड सप्लाई के डिलीवरी करने वाले व्यक्तियों के पास फूड लाइसेंस नहीं है। अतः आपसे अनुरोध है कि सभी ऑनलाइन व फूड चेन सप्लाई डिलीवरी करने वाले व्यलक्य के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस बनवाये जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें।
प्रत्येक जिले में अनकों रजिस्ट्रेशन अधिकारी हैं, जिन्हें फील्ड का काम भी करना होता है। अतः आपसे अनुरोध है कि प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अर्थोरिटी नियुक्त करने की कृपा करें।
खाद्य पदार्थों की पैकिंग की आइटम में रिटेल का व्यापारी कोई मिलावट या कमी नहीं कर सकता है एवं का खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में दिये गये पैकिंग एण्ड लेवलिंग एक्ट के कानूनों को पूरा करने में रिटेल व थोक के व्यापारी का कोई योगदान नही है। पैलकग कम्पनियों द्वारा तैयार कर भेजी जाती है, जिसमें रिटेल का व्यापारी कोई मिलावट या पैकिंग में कोई संशोधन नहीं कर सकता है। न्याय निर्धारण अधिकारी द्वारा कम्पनियों के साथ-साथ रिटेल व थोक के व्यापारियों को भी दण्डित किया जा रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि पैकिंग के सामान में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाने पर सिर्फ पैकिंग करने वाले फर्म या कम्पनी को ही दोषी माना जाए, होलसेलर व रिटेलर को दण्डित न किया जाये।


खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मल्टी नेशनल कम्पनी व फूड सप्लाई चेन के डिलीवरी होने वाले सामानों की सैम्पलिंग नही की जा रही है। अतः आपसे अनुरोध है कि ऑनलाइन फूड सप्लाई चेन की सैम्पललग भी नियमानुसार की जाये।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा सैम्पिल लेते समय रिटेल के व्यापारियों को लिये गये सामान का भुगतान नही किया जा रहा है व फार्म 5 क भरकर मौके पर नही दिया जाता है, जिससे व्यापारी का उत्पीड़न हो रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये जाएँ कि सैम्पिल भरे जाते समय फार्म-5 क पूरी तरह से भरकर व्यापारी को मौके पर उपलब्ध कराएं।
सैम्पलिंग के समय व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए, जिससे सही प्रकार सैम्पलिंग की कार्यवाही पूर्ण हो सके तथा व्यापारी का उत्पीड़न न हो सके।
फर्जी शिकायतों के आधार पर की जा रही सैम्पलिंग बन्द की जाए।
औद्योगिक इकाइयों में केन्द्रीय लाइसेंस होने पर केन्द्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी व प्रान्तीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी दोनों विभागों द्वारा अलग-अलग जाँच, सर्वे सैम्पलिंग के अधिकार दिए गए हैं, जिससे भ्रष्टाचार व व्यापारी उत्पीड़न को बढ़ावा मिल रहा है। एक देश एक कानून एक अधिकारी एक दफ्तर की व्यवस्था को लागू किया जाए।
खेती में कीटनाशक व रासायनिक खाद डालने का मानक तय नहीं है। अंधाधुंध कीटनाशक व रासायनिक खादों का प्रयोग खेती में किया जा रहा है। सिचाई के लिए प्रयोग किये जाने वाला जल पूरी तरीके से दूषित हो चुका है, जिससे हमारे यहाँ के खेती से प्राप्त होने वाले खाद्ययान में रासायन व कीटनाशक भारी मात्रा में पाए जा रहे हैं, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है। परन्तु खाद्यय सुरक्षा मानक अधिनियम के मानकों में बदलाव नहीं किया गया है। अतः आपसे अनुरोध है कि वर्तमान परिस्थिति के अनुसार खाद्यय पदार्थों के मानक तय किये जायें।
खाद्यय सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में निर्माताओं से प्रत्येक छः माह में खाद्यय पदार्थों की जांच एन.ए.बी.एल. लैब से कराकर जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड़ कराई जा रही हैं। एन.ए.बी.एल. लैब सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। एन.ए.बी.एल. लैब से जांच रिपोर्ट अपलोड़ होने के बाद भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा सैम्पलिंग की जा रही है। दोहरी व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ रहा है। एन.ए.बी.एल. लैब से जांच कराकर रिपोर्ट अपलोड़ करने के बाद खाद्यय सुरक्षा अधिकारी द्वारा की जा रही सैम्पलिंग पर रोक लगाई जाए।
खाद्य विश्लेषण अधिकारी द्वारा मानको के आधार पर नमूना फेल होने पर अधोमानक की जगह असुरक्षित लिख कर रिपोर्ट भेजी जा रही है, यह कार्यवाही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रविधानों के बिलकुल विरुद्ध है। अतः आपसे अनुरोध है कि जबतक नमूने की जांच में कोई हानिकारक वस्तु न पायी जाए, नमूने को असुरक्षित घोषित न किया जाए। व्यापारियों की आदि मांगे शामिल है।
इस अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश फर्रुखाबाद के जिला अध्यक्ष मनोज कौशल, नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर महामंत्री अमित सेठ, जिला उपाध्यक्ष राकेश कठेरिया,नगर वरिष्ठ उपाध्याय वसीम अंसारी, नगर वरिष्ठ मंत्री सुधीर गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष लखपति बाबू सक्सेना, नगर संगठन मंत्री मुस्तफा भाई, नगर महिला अध्यक्ष मधु गंगवार, महिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर आदि उपस्थित रहे।

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