
फर्रुखाबाद, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट, भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने आज जिलाधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट, विनियमित क्षेत्र, फर्रुखाबाद को सौंपकर आगामी 30 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन प्रारंभ करने की घोषणा की है। यह आंदोलन क्षेत्रीय कार्यालय, हकीम जी वाली गली, ग्राम राजेपुर राठौरी, तहसील अमृतपुर, जनपद फर्रुखाबाद में आयोजित किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने बताया कि गंगा एवं रामगंगा के मध्य स्थित गंगा पार क्षेत्र के किसान और आम जनता लंबे समय से जर्जर सड़कों, जलभराव, अवैध खनन, बाढ़ मुआवजे में अनियमितताओं, पुलिस उत्पीड़न तथा विभिन्न विभागों की कथित लापरवाही से परेशान हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विकासखंड राजेपुर एवं गंगा पार क्षेत्र की लगभग 40 जर्जर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, ग्रामीण संपर्क मार्गों के सुधार और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

नरेंद्र सोमवंशी ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से मिलने के लिए अलग समय दिया जाता है, लेकिन किसानों और किसान संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों को जनता दर्शन में आने के लिए कहा जाता है। वहां गंभीर समस्याओं पर विस्तार से वार्ता नहीं हो पाती और समस्याएं लंबित रह जाती हैं।
उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को अलग समय दिया जा सकता है, तो किसानों के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए अलग समय क्यों नहीं दिया जा सकता? संगठन ने मांग की कि दोनों अधिकारी किसान संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ नियमित वार्ता की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों के सरकारी सीयूजी नंबरों पर संपर्क न हो पाने का मुद्दा भी उठाया। कहा कि कई बार किसानों के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और गंभीर जनसमस्याओं की सूचना देने के लिए संपर्क किया जाता है, लेकिन संबंधित अधिकारियों से वार्ता नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि छोटी-छोटी शिकायतों में गरीब किसानों और आम नागरिकों को घर से उठाकर थाने ले जाने तथा रातभर बैठाने की शिकायतें सामने आती हैं, जबकि प्रभावशाली व्यक्तियों के मामलों में सात वर्ष तक की सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी संबंधी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कानून सभी के लिए समान है, तो गरीब किसानों और प्रभावशाली व्यक्तियों के मामलों में अलग-अलग व्यवहार क्यों किया जाता है? संगठन ने अनावश्यक गिरफ्तारी, कथित अवैध हिरासत एवं पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने और कानून का समान रूप से पालन कराने की मांग की है।
बिजली विभाग की कथित लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में लगभग चार से छह माह पूर्व मसेनी चौराहे पर बिजली के करंट से लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की घटना हुई थी। संगठन को प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ितों के उपचार में लगभग 75 लाख रुपये खर्च हुए तथा संबंधित लोगों द्वारा बिजली विभाग में लगभग 6 लाख रुपये की एस्टीमेट धनराशि जमा कराई गई। इसके बावजूद विद्युत तारों की व्यवस्था सुरक्षित एवं सुचारू नहीं की गई है। आज भी नंगे तार झूल रहे हैं, जिससे दोबारा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। संगठन ने तत्काल विद्युत सुधार कार्य कराने और लापरवाही की जांच की मांग की है।
इसके अतिरिक्त गंगा एवं रामगंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर रोक लगाने, किसानों द्वारा निजी आवश्यकताओं के लिए अपने खेत से मिट्टी निकालने की प्रक्रिया नियमानुसार सरल एवं निःशुल्क बनाने, खनन के नाम पर कथित अवैध वसूली रोकने तथा व्यावसायिक खनन की अनुमतियों की जांच कराने की मांग की गई है।

बाढ़ प्रभावित पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने, मुआवजे के नाम पर कथित रूप से 500 रुपये प्रति बीघा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और वंचित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
संगठन ने थाना राजेपुर में किसान कार्यकर्ता संजय कठेरिया के विरुद्ध दर्ज आबकारी संबंधी मुकदमे की निष्पक्ष जांच, थाना कायमगंज, अमृतपुर एवं राजेपुर में दर्ज कथित झूठे मुकदमों की समीक्षा तथा निर्दोष व्यक्तियों को न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्राम कोलासोता हरपालपुर के किसानों की आलू बिक्री की धनराशि के कथित गबन के मामले में प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर किसानों की बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग उठाई गई है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा विभाग का अनावश्यक विरोध करना नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, गरीबों, शोषितों, वंचितों एवं पीड़ित नागरिकों को न्याय दिलाना है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को आंदोलन की पूर्व सूचना दे दी गई है। यदि किसानों की मांगों पर प्रभावी कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई और समयबद्ध समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो 30 अक्टूबर 2026 से राजेपुर राठौरी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जो समस्याओं के संतोषजनक समाधान तक जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेश कुमार उर्फ बबलू दीक्षित, राष्ट्रीय प्रवक्ता छबिनाथ सिंह शन्नू प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोमवंशी,प्रदेश सचिव सुनील गिहार, जिलाध्यक्ष मनोज सिंह परमार, जिला उपाध्यक्ष रक्षपाल सिंह सोमवंशी, अभिषेक सिंह परमार एवं प्रभास शाक्य सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



