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सातों दिन बैंक खोलने से लेकर मेंटेनेंस चार्ज खत्म करने तक, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने रखीं आठ मांगें

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कायमगंज , फर्रूखाबाद, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – आज उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर केन्द्रीय वित्त मंत्री माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के नाम संबोधित 8 सूत्रीय ज्ञापन माननीय उप जिलाधिकारी महोदय कायमगंज अभिषेक वर्मा जी के माध्यम से भेजा गया।
पदाधिकारियों ने अनुरोध किया है कि
बैंकों से संबंधित उद्यमियो/व्यापारीयों की समस्याओं को निम्नानुसार संज्ञान लेकर निस्तारण करने के आदेश पारित करने की कृपा करें।
1 नगद लेनदेन की सीमा तय आयकर कानून के हिसाब से ₹20000/ निर्धारित की गई है,अधिकांश व्यापारिक लेनदेन के कार्य बैंक द्वारा किए जाते बैंकों का अवकाश होने के कारण व्यापारिक लेनदेन के कार्य टालने पड़ते हैं जिससे व्यापारी के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान होता है अतः आपसे अनुरोध है कि सभी सरकारी बैंकों को सातों दिन खोलें जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें। 2- बैंकों द्वारा बचत खाते पर मामूली ब्याज दिया जाता है तथा चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है इसलिए आपसे अनुरोध बैंकों द्वारा लगाया जा रहा मिनिमम बैलेंस पेनेल्टी को समाप्त करने के आदेश पारित करने की कृपा करें। 3- चेक डिसऑनर होने की दशा में भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी/उद्यमी का कोई दोष नहीं होता है परंतु बैंकों द्वारा चेक जारी करने व भुगतान प्राप्त करने वाले दोनों व्यापारियों/उद्यमी पर चेक डिसऑनर चार्ज लगाया जाता है अतः आपसे अनुरोध है चेक डिसऑनर चार्ज चेक वापस होने की दशा में सिर्फ चेक जारी करने वाले के विरुद्ध लगाया जाऐ।4- बैंकों द्वारा नगद रुपए जमा करने व निकलने पर कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जा रहा है जबकि चालू खाते में व्यापारी /उद्यमी को कोई ब्याज नहीं दिया जाता है तथा लिमिट अकाउंट में व्यापारी /उद्यमी बैंक से प्राप्त कर्ज पर बैंक को ब्याज क्या भुगतान करता है बैंक व इनकम टैक्स के नियम के अनुसार लिमिट अकाउंट का सभी लेनदेन लिमिट अकाउंट से होना चाहिए तथा प्राप्त बिक्री का पैसा भी प्रतिदिन बैंक में जमा करना चाहिए भुगतान की आवश्यकता पर पैसा बैंक से मंगाया जाता है बैंको द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जाना बिल्कुल अनुचित है अतः आपसे अनुरोध है बैंकों द्वारा नगद ले निकासी व जमा पर लगाई जा रहे कैश हैंडलिंग चार्ज को तुरंत समाप्त करने के आदेश पारित करने की कृपा करें


5 व्यापारी /उद्यमी द्वारा लोन /लिमिट प्राप्त करते समय बैंक को प्रॉपर्टी के कागज लीगल व वैल्यूएशन करा कर तथा बैंक के नियम अनुसार सभी कार्रवाई पूर्ण की जाती है परंतु उसके बाद भी हर साल रिनवाल व प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन के नाम पर भारी खर्च व्यापारी/उद्यमी से वसूला जाता है जबकि लोन/ लिमिट अकाउंट पूरी तरीके से रेगुलर चल रहे होते हैं अतः आपसेअनुरोध है कि रेगुलर चल रहे लोन /लिमिट अकाउंट से रिनवाल व रिवैल्युएशन के नाम से की जा रही वसूली पर तुरंत रोक लगाने के आदेश पारित करने कृपा करें। 6- बैंकों द्वारा 3 माह के ब्याज ना जमा होने व अन्य कई टेक्निकल कारणो से व्यापारी /उद्यमी के लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है जिससे व्यापारी /उद्यमी का लेनदेन बंद होने के कारण चलता हुआ अच्छा खासा व्यापार नष्ट हो जाता है अतः आपसे अनुरोध है कि लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए करने का समय 3 माह से बढ़कर 6 माह किया जाए तथा टेक्निकल कारणो में व्यापारी को सुधार का अवसर प्रदान किया जाए जिससे व्यापारी/उद्यमी का व्यापार सही प्रकार से चल पाएगा वह बैंकों को भी अनावश्यक मुकदमे बाजी से मुक्ति मिलेगी।7- बैंकों द्वारा लगातार खातेदार को को केवाईसी के नाम पर बैंक में बुलाकर परेशान किया जाता है केवाईसी की सीमा बढ़कर 10 वर्ष किए जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें। 8- बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार के अकाउंट मेंटेन चार्ज लगाए जा रहे हैं व्यापारी हित में सभी प्रकार के अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज समाप्त की जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें।


इस अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कौशल,जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ,नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल,नगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता,नगर उपाध्यक्ष मुस्तफा भाई, आलोक सक्सेना,अमित पालीवाल,प्रेमकमल गुप्ता,विधानसभा अध्यक्ष जितेंद्र रस्तोगी,महामंत्री संगम शाक्य, जिला उपाध्यक्ष लखपति बाबू सक्सेना,वरिष्ठ नगर मंत्री विनीत सक्सेना,अनुराग राठौर,महिला जिला अध्यक्षा रश्मी दुवे,महिला नगर अध्यक्षा मधु गंगवार, उपाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर,आदि उपस्थित रहे।

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