
Farrukhabad: आरोही टुडे न्यूज – आज समय यह है कि लोग अपने माता पिता को अनदेखा करते है , और भगवाधारी बाबाओं , और ब्रह्मचारियों को पूजते है , उनकी चरण वंदना करते है , नाक रगड़ते है जो कि उचित नहीं है । इन भगवाधारियों का इतिसाह अधिकांश अपराध और पाप की दुनिया से भरा होता है ।
सामान्यत भगवा वस्त्र वही धारण करता है जिस ने पाप और अपराध किए हो , आज तक किसी शिक्षक को भगवा वस्त्र पहने हुए देखा जो ,शायद ही कोई हो । भगवा धारियों की अपराध और पाप की फितरत भगवा चोला ओढ़ने से चली नहीं जाती है , वक्त आने पर यह लोग भी पाप और अपराध करने से नहीं चूकते ।








