
फर्रुखाबाद, आरोही टुडे न्यूज, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – जनपद के कादरीगेट थाना क्षेत्र के पांचाल घाट गंगाजल तट पर 3 जनवरी 2026 से मिनी कुंभ मेला श्री रामनगरिया भव्य रूप से लगा हुआ है। जिसकी छठा देखते ही बनती है, पुलिस प्रशासन की तरफ से मेला को सकुशल संपन्न करने के लिए सुरक्षा के उपाय इंतजाम किए गए हैं, तो वहीं विभिन्न अखाड़ा क्षेत्रों से प्रतिदिन शोभा यात्राएं निकल रहीं हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को छठी सीढ़ी पर श्री अन्य क्षेत्र से जोशीमठ आश्रम के संत धर्म चैतन्य महाराज के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें निशान शामिल थे, शोभायात्रा में करीब एक दर्जन से अधिक घुड़सवारों ने करतब दिखाए जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए, शोभा यात्रा देखने के लिए परिक्रमा मार्ग पर दोनों तरफ भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही, शोभायात्रा में साधु संतों ने भी तलवारबाजी कर विभिन्न कर्तव्य दिखाएं जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्र मुक्त हो गए।

यह भव्य शोभा यात्रा छठी सीढ़ी से प्रारंभ होकर बंधा के किनारे-किनारे मिला बाजार से होते हुए प्रशासनिक क्षेत्र में पहुंची जहां पर मेला क्लर्क संजय मिश्रा द्वारा साधु संतों को माला पहनाकर यात्रा का स्वागत किया, उसके बाद यात्रा मेला कोतवाली पहुंची जहां कोतवाली प्रभारी भोलेंद्र चतुर्वेदी सहित पुलिस कर्मियों ने साधु संतों को माला पहनकर उनका स्वागत किया। जिसके बाद शोभायात्रा गंगा घाट पर पहुंची जहां निशानों को स्नान कराया गया। उसके बाद यात्रा गंगा के किनारे परिक्रमा मार्ग से होते हुए श्री अन्न क्षेत्र में अखाड़ा में पहुंचकर संपन्न हो गई। जहां पर भक्तों और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर भंडारे का आयोजन किया गया। यात्रा में श्री पंचदशत नाम जूना अखाड़ा के महंत श्री सत्यगिरी महाराज, हरदोई के रानूखेड़ा से आए संत बच्चा बाबा व दंडी क्षेत्र के महंत शिव स्वरूप बच्चा स्वामी शहर बड़ी संख्या में साधु संत और कल्पवासी शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा देखने के लिए परिक्रमा मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।

श्री अन्न क्षेत्र से निकाली गई भव्य शोभा यात्रा में किन्नर अखाड़े के भी लोग शामिल हुए, जिन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही
शोभा यात्रा में जनपद मैनपुरी से आए धूनी वाले बाबा ने भी करतब दिखाये और उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही, वहीं धूनी वाले बाबा श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। वह चश्मा लगाकर चल रहे थे। वह मैनपुरी से आए थे। बताया कासगंज के कादरगंज में उनका गुरु का स्थान है।



