
ऑनलाइन मनी गेमिंग पर नियंत्रण हेतु संसद में पारित कानून स्वागत योग्य कदम – यह कानून समाज को बढ़ती नशे जैसी लत से जूझ रहे 45 करोड़ से अधिक लोगों को बचाएगा
आरोही टुडे न्यूज, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – भारत सरकार द्वारा प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को लोकसभा में पारित किया जाना समाज और युवाओं के भविष्य की रक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धीरज पाण्डेय ने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती नशे जैसी लत से जूझ रहे 45 करोड़ से अधिक भारतीयों के लिए एक राहत साबित होगा।

इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष धीरज पाण्डेय ने कहा, “ऑनलाइन मनी गेमिंग एक डिजिटल ड्रग बन चुका है, जो युवाओं की सोच, समय और संसाधनों को निगल रहा है। यह कानून न केवल आर्थिक संरक्षण बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संरक्षित करने का प्रयास है। सरकार का यह कदम केवल राजस्व बढ़ाने के बजाय सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में है, जो अत्यंत साहसी और दूरदर्शी निर्णय है।
श्री पाण्डेय ने यह भी कहा कि यह राष्ट्र की सुरक्षा और वित्तीय अखंडता का मामला हैं। इस कानून की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि विदेशी कंपनियों द्वारा संचालित एप्स भारतीय युवाओं को लालच देकर लुभा रहे थे, जो न केवल व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए भी खतरा बनते जा रहे थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला जैसे अवैध कार्यों से जुड़े इन प्लेटफॉर्म्स को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



