
फर्रुखाबाद, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – छावनी बोर्ड द्वारा 2018 में नौगवॉं में स्थापित ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन संयन्त्र का आर्मी पब्लिक स्कूल के कक्षा 11 के 41 छात्र – छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण कर विभिन्न मशीनों के माध्यम से कचरे को रिसाइकिलिंग कर प्लास्टिक के दाने तथा कम्पोस्ट खाद बनाये जाने की जानकारी प्राप्त की। संयन्त्र के प्रभारी यशवन्त सिंह और ए.एस.आई विक्रम सिंह ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नये नियम के अनुसार अब चार प्रकार के कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य है। किचन, खाना, फल और सब्जियों के छिलके को गीले अवशिष्ट के डिब्बे में, प्लास्टिक, पेपर, धातु और कॉंच आदि को सूखे कचरे के डिब्बे में, डायपर, सैनेटरी पैड आदि स्वच्छता से जुड़े कचरे को सैनेटरी कचरे के डिब्बे में तथा बैटरी, बल्ब, दवाइयां या अन्य केमिकल से जुड़े कचरे को स्पेशल केयर कचरे के डिब्बे में अलग-अलग डालना चाहिए। हर घर, दुकान या किसी भी संस्था के लिए यह करना अनिवार्य है। इन नियमों को न मानने वाले पर जुर्माना भी हो सकता है । उन्होंने ने बताया कि कई मशीनों के द्वारा इन अवशिष्ट पदार्थों को रिसाइकिलिंग कर प्लास्टिक के दाने और खाद बनाने तथा अनुपयोगी कचरे को भूमि को भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनिया शर्मा ने बताया कि दिनांक 24 सितम्बर से विद्यालय द्वारा मनाये जा रहे स्वच्छता पखवारे के अन्तर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता रैली , नुक्कड़ नाटक, सफाई अभियान तथा वृक्षारोपण आदि विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

विद्यालय के उप- प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने कहा कि इससे बच्चों के अन्दर जागरूकता के साथ समाज सेवा की भावना विकसित होती है और उन्हें अपने कर्तव्यों का ज्ञान होता है। इस शैक्षिक भ्रमण में वीरेन्द्र कुमार मिश्र, डॉ० राजेश पाण्डेय, प्रदीप कुमार गोले, अपर्णा चौधरी, उमा त्रिवेदी, ब्रजवाला, सुरेन्दर सिंह, अमितेश पाठक और राम सागर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



