
लखनऊ/प्रयागराज। राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम तिवारी ने संगठन विस्तार की दिशा में ऐसा दांव चला है, जिसने राष्ट्रीय से लेकर जिला स्तर तक संगठनात्मक हलचल तेज कर दी है। एक साथ किए गए चार बड़े फैसलों में राष्ट्रीय कमान से लेकर प्रदेश की टीम और फिर जमीनी जिला संगठन तक जिम्मेदारियों का नया खाका खींच दिया गया है।
अमित दीक्षित “राम जी” को राष्ट्रीय कोर कमेटी का अध्यक्ष, अभिषेक त्रिपाठी और सुधाकर त्रिपाठी को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जबकि इंजी. शिवम् कुमार दुबे को प्रयागराज जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
यानी संदेश बिल्कुल साफ है—ऊपर नेतृत्व मजबूत होगा, बीच में प्रदेश संगठन दौड़ेगा और नीचे जिला संगठन मैदान संभालेगा।
राष्ट्रीय मोर्चे पर “राम जी” का धमाकेदार आगाज चौक, लखनऊ निवासी अमित दीक्षित “राम जी” को राष्ट्रीय कोर कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने से राष्ट्रीय संगठन में एक नया चेहरा प्रभावशाली भूमिका में आया है।
कला, संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय राम जी निर्देशक, अभिनेता, गायक, नाट्य लेखक, गीतकार, संगीतकार एवं नृत्य निर्देशक के रूप में 800 से अधिक प्रस्तुतियों का अनुभव रखते हैं।
राजभवन से लेकर देश के बड़े सांस्कृतिक मंचों तक अपनी पहचान बना चुके राम जी ने “विश्व स्वर, अटल अमर”, “योगामृत” और “कान्हा से द्वारकाधीश” जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को मंचीय स्वर दिया है।
ताज महोत्सव, कुंभ महोत्सव, दीपोत्सव, रामायण कॉन्क्लेव, अटल महोत्सव, भारत रंग महोत्सव, सिंहस्थ उज्जैन और नैमिषारण्य जैसे आयोजनों से उनका जुड़ाव रहा है।
अब यही अनुभव राष्ट्रीय कोर कमेटी की कमान में दिखाई देगा। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की रणनीति और गतिविधियों को दिशा देने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
प्रदेश में डबल इंजन—अभिषेक और सुधाकर को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय स्तर के बाद श्याम तिवारी ने प्रदेश संगठन पर भी खास फोकस किया है। अभिषेक त्रिपाठी और सुधाकर त्रिपाठी को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल कर प्रदेश संगठन को दो नए सक्रिय चेहरे दिए गए हैं।
मधुवन नगर, आलमबाग, लखनऊ निवासी अभिषेक त्रिपाठी पहले संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब राष्ट्रीय अनुभव के बाद उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी मिलना खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनके सामने प्रदेश में संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से समन्वय बढ़ाने और संगठन की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की चुनौती होगी।
वहीं गोमतीनगर विस्तार, चिनहट, लखनऊ निवासी सुधाकर त्रिपाठी को भी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। उनकी नियुक्ति से प्रदेश टीम में नया संगठनात्मक आधार जुड़ा है।
दोनों नियुक्तियों को साथ रखकर देखें तो राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में अनुभव और सक्रियता का संतुलित संयोजन तैयार करने की कोशिश की है।
प्रयागराज में शिवम् की एंट्री—अब जिले में दिखेगा संगठन का दम राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के बाद तीसरा बड़ा मोर्चा है जिला संगठन। इसके लिए इंजी. शिवम् कुमार दुबे को प्रयागराज का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जिले में संगठन की कमान मिलने के बाद शिवम् कुमार दुबे के सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, नए लोगों को संगठन से जोड़ने और जिले में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों को जमीन तक पहुंचाने में जिला संगठन की भूमिका निर्णायक होती है। ऐसे में प्रयागराज की जिम्मेदारी इस पूरी कवायद की जमीनी कड़ी मानी जा रही है।
श्याम तिवारी के इन फैसलों की सबसे खास बात यही है कि राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला—तीनों स्तरों को एक साथ टारगेट किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर “राम जी” को कमान मिली।
प्रदेश स्तर पर अभिषेक और सुधाकर को मोर्चे पर उतारा गया। जिला स्तर पर शिवम् कुमार दुबे को प्रयागराज की बागडोर सौंपी गई।
इस पूरे संगठनात्मक समीकरण में कहीं नेतृत्व मजबूत करने की कवायद है तो कहीं प्रदेश में विस्तार की तैयारी और कहीं जमीनी नेटवर्क को धार देने का प्रयास।राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा में हुई इन नियुक्तियों ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि संगठन अब “राष्ट्रीय से प्रदेश और प्रदेश से जिला” तक अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है।
अब जिम्मेदारियां घोषित हो चुकी हैं, अगली बारी प्रदर्शन की है। राष्ट्रीय स्तर पर “राम जी” कितना प्रभाव छोड़ते हैं, प्रदेश में अभिषेक-सुधाकर संगठन को कितनी रफ्तार देते हैं और प्रयागराज में शिवम् कुमार दुबे जमीनी संगठन को कितना मजबूत करते हैं—इन चारों की सक्रियता ही श्याम तिवारी की इस नई संगठनात्मक रणनीति की असली तस्वीर सामने लाएगी।



