
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। आलोक शुक्ला की रिपोर्ट — भीषण बारिश के दौरान जलभराव से गांव को डूबने से बचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा काटी गई सड़क अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है। बरसात समाप्त होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और बंद पड़ी पुलिया को दुरुस्त कराने की दिशा में शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
मामला विकासखंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत खुडिना धमगमा से जुड़ा है। ग्राम पंचायत से सिकंदरपुर मार्ग की ओर जाने वाली सड़क पर भीषण बारिश के दौरान पुलिया बंद होने के कारण पानी का निकास रुक गया था। देखते ही देखते गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई और गांव के डूबने का खतरा पैदा हो गया। ऐसी स्थिति में खुड़िनाखार के ग्रामीणों ने एकजुट होकर पानी की निकासी के लिए सड़क को काटकर जल निकासी का रास्ता बनाया था।
बरसात समाप्त होने के बाद भी कटी हुई सड़क को अब तक ठीक नहीं कराया गया है। इसके चलते धमगमा-सिकंदरपुर मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणों तथा आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने से किसानों और राहगीरों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
समस्या को लेकर रविवार को गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाएं और ग्रामीण, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के फर्रुखाबाद जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार के साथ ट्रैक्टरों पर सवार होकर उपजिलाधिकारी कायमगंज के कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार ने कहा कि ग्रामीणों ने आपदा की स्थिति में गांव को जलभराव से बचाने के लिए अपने स्तर से सड़क काटकर पानी की निकासी की थी। अब बरसात समाप्त हो चुकी है, इसलिए प्रशासन को जनहित में तत्काल कार्रवाई करते हुए कटी हुई सड़क को दुरुस्त कराना चाहिए।
उन्होंने उपजिलाधिकारी कायमगंज से मांग की कि लोक निर्माण विभाग की सड़क की जांच कराकर कटी हुई सड़क की मरम्मत कराई जाए, बंद पड़ी पुलिया को ठीक कराया जाए तथा गांव के नाले और तालाबों की सफाई कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया तो आगामी बारिश में एक बार फिर गांव में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।



