
फर्रूखाबाद, आरोही टुडे न्यूज, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट – विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर ‘पांचाल शोध एवं विकास समिति’ द्वारा बेवर रोड स्थित संध्या पैलेस में जनपद के समृद्ध पर्यटन एवं ऐतिहासिक धरोहरों पर केंद्रित गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता (पूर्व डीजीसी) सुरेंद्र सिंह सोमवंशी ने कहा कि पांचाल की यह पवित्र भूमि अपने आप में अनूठा इतिहास समेटे हुए है। उन्होंने जनपद के पर्यटन ढाँचे को मजबूत करने और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की खुलकर सराहना की।
भूपेंद्र प्रताप सिंह ने जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों—बाबा नीब करोरी धाम (नीम करोरी), बौद्ध स्थली संकिसा, महाभारत कालीन पौराणिक नगरी कम्पिल तथा महर्षि श्रृंगी ऋषि की तपोस्थली श्रृंगीरामपुर के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं के लिए नागरिक सुविधाएं बढ़ाने में पर्यटन विभाग के योगदान को रेखांकित किया।
वक्ताओं ने कहा कि संकिसा जैसे अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध स्थल और बाबा नीब करोरी के धाम में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा बुनियादी ढाँचे का विकास बेहद सराहनीय और समय की माँग है। इसके साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई दिशा देने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत फर्रूखाबाद के विश्वप्रसिद्ध जरदोजी व ब्लॉक प्रिंटिंग उद्योग और ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) योजना को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान भानु प्रकाश मिश्रा, अनिल प्रताप सिंह, एम.आर. पाल, कैप्टन डी.एस. राठौर, डॉ. मुकेश सिंह राठौर, भूपेंद्र प्रताप सिंह, शरद चंदेल, आकिब खां, राजीव बाजपेयी, अनिल ददुआ, सत्यपाल सिंह, के के वर्मा, प्रदीप कुमार, अनिल सिंह प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।


