
फर्रुखाबाद, आलोक शुक्ला की रिपोर्ट।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने उत्तर प्रदेश में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आज दिए गए इस ज्ञापन में किसानों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में असमय अतिवृष्टि और बाढ़ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का उचित आकलन कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। किसान अपनी फसलों को लेकर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए।
किसान यूनियन ने गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग करते हुए कहा कि गन्ने का मूल्य बढ़ती उत्पादन लागत के अनुरूप निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही जनपद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

संगठन ने मुख्यमंत्री से किसानों की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की। यूनियन का कहना है कि किसानों को राहत देने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। ज्ञापन देने में राम मोहन दीक्षित, संजय गंगवार, हुकुम सिंह, शिव प्रताप सिंह, हरिओम अग्निहोत्री, नवीन अग्निहोत्री, विनय कुमार, बृजेश राजपूत, प्रभु दयाल, अजय पाल,राजकुमार, सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें
– अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर उचित मुआवजा दिया जाए।
– गन्ने का मूल्य बढ़ाया जाए।
– जनपद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
– लंबित मामलों का निर्धारित समय में निस्तारण किया जाए।
– जिला मुख्य मार्गों और ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत कराकर आवागमन सुरक्षित बनाया जाए।



